गुरुवार, ६ ऑगस्ट, २०२०

' आनवी ' भाग्यशाली परी


 ' आनवी ' भाग्यशाली  परी 

नवीन  रत्न  अवतरले  
 लक्ष्मी  पावले  घेऊन 
   सुखाची  ही   चाहूल  
    आली  आपल्या  परिवारात , 

सजवला  पाळणा  छान  
  फुगे  फुल  माळा  लावून 
    गाणे  गायल्या  आत्या 
     नातेवाईकांना  मिळाला  मान , 

साजेसे  आवडणारे  नाव 
  ' आनवी '  ठेवले  बरश्यात 
     आई  बाबा  आजी आजोबा 
      आनंदाने   झाले  खुश , 

आनवी च्या  सहवासाने  
  भरून  गेले  सारे  घर 
    प्रत्येकजण  करतो  माया 
     आनवी  आपली  भाग्यवान . 

कविता  :  संजय  होनकळस 
              ०५.०८.२०. निगडी , पुणे .
 










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