बुधवार, १४ ऑक्टोबर, २०२०

हास्य

//  श्री गणेश प्रसन्न //      २६/०७/२०१८  रात्रौ ८ : ५५ वा

 शिर्षक  :   😀 " हास्य  " 😀

हसतो  मी  -  हसवतो  मी 
दुसऱ्यांच्या  चेहऱ्यावर  
हसू  पाहू 
इच्छितो  मी  , 

भेटतो  जो  ही  त्याची
विचारपूस   करतो  मी 
हास्याचे  बीज  
प्रत्येकास  देतो  मी , 

हास्य  गुणधर्माचे  फायदे  
सर्रास   पटवून  देतो  मी   
हसताना  किती  सुंदर  दिसताय
ह्याचे  फोटो  सुद्धा  काढतो  मी  ,

ताण - राग - भांडणे  सोडवताना 
विनोदाचे  औषध  
डोस  म्हणून  
सर्वांना  देतो  मी , 

निराशेला  आशेत  बदलताना  
वातावरणात  हास्याने 
उत्साह  - प्रसन्नता  
पसरवितो  मी , 

दुरावलेल्या   
संबंधांना  सांधताना 
खेळीमेळी - कोपरखळी - मिश्किलतेने 
पेश  करतो  मी , 

हृदयातून  आनंदाच्या  तारा  छेडताना 
मानवाला  मिळालेल्या  हास्य  वरदानाचे 
स्मरण   सदैव  करतो  मी 
हसतो  मी -  हसवतो  मी  ... 😀

कवी  :  संजय  होनकळस  , 
           निगडी , पुणे , ९८५००३९७६६

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